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शादी तक सेक्‍स न करने के फायदे

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सभी धार्मिक कारणों को न भी मानें तो भी शादी से पहले सेक्‍स न करने के कई फायदे हैं। हममें से अधिकतर लोग इस मानसिकता के साथ जीते हैं कि सेक्‍स के बिना हमारा जीवन बोरिंग और परेशान करने वाला हो जाएगा। सेक्‍स आपके दोस्‍तों के बीच स्‍वीकार किये जाने की कसौटी बन गया है। हम आपको बता दें कि सेक्‍स को कई बार गैरजरूरी रूप से महिमामंडित किया गया है। अगर हम सोचें तो शादी तक सेक्‍स का इंतजार करना वास्‍तव में आपके लिए काफी मददगार हो सकता है।

आश्‍वस्‍त होना है जरूरी

किसी के साथ शारीरिक संबंध बनाने से पहले यह बात पूरी तरह से तय कर लेनी जरूरी है कि वह आपके लिए बिलकुल ठीक है। एक बार संभोग करने के बाद उसे बदला नहीं जा सकता है। कई बार संबंध बनाने के बाद हमें अपराध बोध होता है, तो इसलिए जरूरी है कि जब तक पूरी तरह से आश्‍वस्‍त न हों, तब तक शारीरिक संबंध न ही बनाना बेहतर होगा। और अगर आप आश्‍वस्‍त नहीं हैं, तो ऐसा न करें। आपको बाद में अपनी यह बात सही ही लगेगी।

उत्‍सुकता बनी रहती है

जब आप अच्‍छी चीजें सही समय पर करते हैं, तो उसका आनंद ही अलग होता है। जब आप सेक्‍स पहले कर लेते हैं, तो इसे लेकर कोई उत्‍सुकता नहीं रहती। तो अगर सेक्‍स न करने से आपकी उत्‍सुकता बढ़ती रहती है, तो बेहतर है कि शादी तक सेक्‍स न किया जाए। आपकी सारी उत्‍सुकता सुहाग रात के लिए बचा रखिये।

किशोर गर्भावस्‍था से बचाये

शादी से पहले सेक्‍स न करने से आप किशोर गर्भावस्‍था से बची रहती हैं। इससे आपको अनचाहे गर्भ के खतरे से निजात मिलती है। हालांकि बाजार में गर्भनिरोध के कई उपाय मौजूद हैं, लेकिन कई बार वे भी पूरी तरह सक्षम नहीं होते। इसके साथ ही यह गर्भ धारण करना आपको भावनात्‍मक रूप से भी तोड़ सकता है।

प्रतिबद्धता

खैर यह बात आपके लिए सुकून लेकर आ सकती है। शादी से पहले सेक्‍स न करके आप कई परेशानियों को टाल सकते हैं। अगर आप किसी के साथ बिना शारीरिक संबंध बनाये डेट कर रहे हैं और वह रिश्‍ता सही नहीं चल रहा है, तो आपके लिए उससे बाहर आना आसान होता है। जब पूरी प्रतिबद्धता की बात न हो, तो आमतौर पर रिश्‍ता समाप्‍त करने में समस्‍यायें नहीं आतीं। लेकिन शारीरिक संबंधों के साथ ही भावनात्‍मक जुड़ाव भी होता है और ऐसे रिश्‍ते से बाहर आना कई बार मुश्किल हो जाता है।

साथी के साथ गहरा संबंध

जब आप यह समझ जाते हैं आपने एक दूसरे के लिए खुद को संभाल रखा है, तो आप समझ पाते हैं कि इससे आपकी शादी को नये मायने मिलते हैं। इससे आपके साथी के साथ मजबूत और गहरा संबंध बन जाता है। और आपके बीच मौजूद प्‍यार शादी को मजबूत बनाता है। यह काफी खूबसूरत लम्‍हा होता है।

सेक्‍स से भरपूर शादीशुदा जीवन

क्‍योंकि आपने इसके लिए अपनी शादी तक इंतजार किया है, शादी के बिना आपकी सेक्‍स लाइफ काफी तेजी से चलेगी। अब आप अपनी सारी आकांक्षायें पूरी कर सकते हैं। और तो और, आपको संबंध बनाने से पहले पुनर्विचार करने की जरूरत नहीं है, वह व्‍यक्ति आप ही का है, आपका जीवनसाथी। और वो पुरानी कहावत भी है कि सब्र का फल मीठा होता है।

आत्‍म-सम्‍मान

अपने आप को और अपने शरीर को सम्‍मान देना काफी जरूरी है। इसलिए यह ध्‍यान रखना जरूरी है कि आप जिस व्‍यक्ति के साथ संबंध बना रहे/रही हैं, वह आपके लिए महत्‍वपूर्ण होना चाहिए। केवल शारीरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए ही सेक्‍स संबंध नहीं बनाने चाहिए। इन दिनों कई लोग सेक्‍स को प्रतिक्रियात्‍मक क्रिया के रूप में देखते हैं, जो सही नहीं है। तो सही व्‍यकित का इंतजार कीजिए और उसी के साथ संबंध बनाइए। आपको यह मलाल नहीं होना चाहिए कि आपने गलत व्‍यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाकर स्‍वयं को दुखी किया।

बच्‍चों के लिए अच्‍छा उदाहरण

हम केवल आपके बच्‍चों की ही बात नहीं कर रहे, बल्कि अगली पूरी पीढ़ी की बात कर रहे हैं। समाज सेक्‍स को लेकर खुल रहा है और लोग अपनी सेक्‍सुलिटी के बारे में खुलकर बात कर रहे है। यह चलन धीरे-धीरे बिना सोच विचार के सेक्‍स संबंध बनाने में तब्‍दील हो रहा है। यदि आप अपने बच्‍चों को शादी तक सेक्‍स न करने का रास्‍ता दिखा रहे हैं, तो इसे आने वाली पीढ़ी के लिए सही कदम ही माना जाएगा।

झूठे प्‍यार से रहेंगे दूर

सेक्‍स के लिए एक दूसरे के साथ भावनात्‍मक जुड़ाव होना बहुत जरूरी होता है। यह एक-दूसरे के लिए प्रेम को दर्शाने का शारीरिक तरीका माना जाता है। लेकिन, आज के दौर में प्रेम केवल शरीर तक ही सीमित रह गया है। कई महिलायें और पुरुष दोनों ही प्रेम को अपनी शारीरिक जरूरत पूरी करने का तरीका मानते हैं। हर चलन हर शहर, हर गांव में देखा जा रहा है, और अगर आप इससे दूर रहेंगे तो आपका ही फायदा है। याद रखिए, ऐसे संबंध अधिक नहीं चलते।

यौन रोगों से बचाए

आखिर में, सेक्‍स में प्रति लापरवाही आपको यौन रोग होने का खतरा काफी बढ़ा देती है। जवानी के जोश में आप कंडोम को अधिक महत्‍व नहीं होते, उस समय आपकी प्राथमिकता अपनी शारीरिक आकांक्षाओं को पूरा करना होता है। और यही लापरवाही कई बार गंभीर बीमारियां दे सकता है।

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